भाषिक यूटोपिया का द्वंद्व: श्रमण बनाम रामराज
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भाषिक यूटोपिया का द्वंद्व: श्रमण बनाम रामराज

बौद्ध या श्रमण परंपरा की कसौटी पर, 'बेगमपूरा' और 'अमरदेशवा' दोनों एक ही क्रांतिकारी मूल्य-धारा की दो अलग-अलग (एक भौतिक, एक मानसिक) …

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Mulwasi Author
9 hours ago

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समान अवसर का स्वप्न और यथार्थ: GSCC के आईने में SC समाज

​समानता का युद्ध केवल धन से नहीं, सूचना और आत्मविश्वास से भी लड़ा जाता है। उच्च वर्गों…

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2 months, 3 weeks पहले

झारखंड: शराब ठेकेदारी में दलित भागीदारी की हकीकत

झारखंड: शराब ठेकेदारी में SC समाज की भागीदारी वर्तमान में एक 'मृगतृष्णा' के समान ह…

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2 months, 3 weeks पहले

मरांग गोमके पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना और एससी भागीदारी

​झारखंड सरकार की 'मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना' केवल एक…

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2 months, 3 weeks पहले

झारखंड नवनिर्माण: विश्वासघात के शोर में सिसकता 'स्वाभिमान'

जब तक अनुसूचित जाति को सत्ता और सम्मान में उनकी वाजिब हिस्सेदारी नहीं मिलती, झारखंड…

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2 months, 3 weeks पहले

सरोवर लबालब भरा लेकिन कंठ तक जल ले जाने वाली 'अंजलि' खंडित'

​झारखंड: "नदी बह रही है, पर खेत सूखे हैं। यह प्रकृति का दोष नहीं, यह उस किसान (सर…

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2 months, 3 weeks पहले

झारखंड: दावोस यात्रा -आकाश की ऊँचाई और ज़मीन की सच्चाई

झारखंड : सरकार को यह समझना होगा कि 'आदिवासी अस्मिता' का सम्मान जरूरी है, लेकिन 'दल…

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2 months, 3 weeks पहले

बाबा साहब के विजन को ऑक्सफैम की वैश्विक मुहर

ऑक्सफैम की रिपोर्ट, डॉ. अंबेडकर के 'जाति विहीन समाज' के लक्ष्य की दिशा में आरक्षण को …

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2 months, 3 weeks पहले

योग्यता का भ्रम और वर्चस्व की विरासत: यूजीसी 2026 -व्याख्या

सवर्ण विरोध तब तक उचित नहीं माना जा सकता जब तक वे अपने एकाधिकार को त्यागकर 'ज्ञान क…

Mulwasi Author
2 months, 3 weeks पहले
संत रैदास का बेगमपुरा और झारखंड के आदर्श और वास्तविकता

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संत रैदास का बेगमपुरा दर्शन वंचितों के लिए एक लोकतांत्रिक मार्गदर्शिका है, जो उन्हें …

Mulwasi Author
2 months, 3 weeks पहले

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